परिचय — साक्षात्कार से पहले
"मेरी आवाज़ ही पहचान है।" — सोचिए, अगर आपकी कोई एक चीज़ ही आपकी पूरी पहचान बन जाए, तो वह क्या होगी? और उस पहचान को बनाने के पीछे कितनी मेहनत और किन मूल्यों की ज़रूरत होगी?
किसी ऐसी हस्ती के बारे में सोचिए जिसे उसकी एक ख़ास बात से पहचाना जाता है।
कवि, संगीत-प्रेमी और संस्कृति के अध्येता। तीन काव्य-संग्रह — यदा-कदा, अयोध्या तथा अन्य कविताएँ, ड्योढ़ी पर आलाप। शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी पर पुस्तक गिरिजा लिखी; पत्रिका सहित का संपादन करते हैं।
साक्षात्कार क्या है?
साक्षात्कार (Interview) एक विधा है जिसमें एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा उनके उत्तर देता है। अच्छा साक्षात्कार सूखे सवाल-जवाब नहीं, बल्कि एक आत्मीय बातचीत होती है — जिसमें व्यक्ति का असली व्यक्तित्व खुलकर सामने आ जाता है।
इस साक्षात्कार की नायिका हैं लता मंगेशकर — इंदौर में जन्मीं, मात्र पाँच वर्ष की आयु में पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर से संगीत सीखना शुरू करने वाली "भारत रत्न" गायिका। पढ़ने से पहले कुछ शब्द जान लें।
साक्षात्कार में आने वाले शब्द — हर कार्ड पलटिए।
Q1.इस साक्षात्कार में लता मंगेशकर से बातचीत कौन कर रहे हैं?
"मेरी आवाज़ ही पहचान है।" — सोचिए, अगर आपकी कोई एक चीज़ ही आपकी पूरी पहचान बन जाए, तो वह क्या होगी? और उस पहचान को बनाने के पीछे कितनी मेहनत और किन मूल्यों की ज़रूरत होगी?
किसी ऐसी हस्ती के बारे में सोचिए जिसे उसकी एक ख़ास बात से पहचाना जाता है।
कवि, संगीत-प्रेमी और संस्कृति के अध्येता। तीन काव्य-संग्रह — यदा-कदा, अयोध्या तथा अन्य कविताएँ, ड्योढ़ी पर आलाप। शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी पर पुस्तक गिरिजा लिखी; पत्रिका सहित का संपादन करते हैं।
साक्षात्कार क्या है?
साक्षात्कार (Interview) एक विधा है जिसमें एक व्यक्ति प्रश्न पूछता है और दूसरा उनके उत्तर देता है। अच्छा साक्षात्कार सूखे सवाल-जवाब नहीं, बल्कि एक आत्मीय बातचीत होती है — जिसमें व्यक्ति का असली व्यक्तित्व खुलकर सामने आ जाता है।
इस साक्षात्कार की नायिका हैं लता मंगेशकर — इंदौर में जन्मीं, मात्र पाँच वर्ष की आयु में पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर से संगीत सीखना शुरू करने वाली "भारत रत्न" गायिका। पढ़ने से पहले कुछ शब्द जान लें।
साक्षात्कार में आने वाले शब्द — हर कार्ड पलटिए।
Q1.इस साक्षात्कार में लता मंगेशकर से बातचीत कौन कर रहे हैं?