कविता का सौंदर्य
निराला की यह कविता मानवीकरण (प्रकृति को मनुष्य-सा दिखाना), अलंकार और समासयुक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा से सजी है। नीचे किसी विशेषता पर टैप करें।
ऊपर किसी विशेषता पर टैप करें — गद्यांश में उसके सभी उदाहरण रेखांकित हो जाएँगे।
कविता का सौंदर्य — हर विशेषता वाली पंक्ति कविता में ढूँढ़कर लिखिए
| विशेषता | कविता की पंक्तियाँ (आप लिखिए) |
|---|---|
| प्रकृति का मानवीकरण | ✍️ ___________________________ |
| आलंकारिक (रूपक) प्रयोग | ✍️ ___________________________ |
| समस्त/सामासिक पद का प्रयोग | ✍️ ___________________________ |
| संस्कृतनिष्ठ भाषा का प्रयोग | ✍️ ___________________________ |
कविता में बार-बार प्रकृति को मनुष्य-सा (देवी-सा) दिखाया गया है। यह "मानवीकरण" कविता में क्या जादू पैदा करता है? सोचिए, फिर उत्तर देखिए।
Q1."धोता शुचि चरण युगल" (सागर चरण धोता है) में कौन-सा अलंकार है?
निराला की यह कविता मानवीकरण (प्रकृति को मनुष्य-सा दिखाना), अलंकार और समासयुक्त संस्कृतनिष्ठ भाषा से सजी है। नीचे किसी विशेषता पर टैप करें।
ऊपर किसी विशेषता पर टैप करें — गद्यांश में उसके सभी उदाहरण रेखांकित हो जाएँगे।
कविता का सौंदर्य — हर विशेषता वाली पंक्ति कविता में ढूँढ़कर लिखिए
| विशेषता | कविता की पंक्तियाँ (आप लिखिए) |
|---|---|
| प्रकृति का मानवीकरण | ✍️ ___________________________ |
| आलंकारिक (रूपक) प्रयोग | ✍️ ___________________________ |
| समस्त/सामासिक पद का प्रयोग | ✍️ ___________________________ |
| संस्कृतनिष्ठ भाषा का प्रयोग | ✍️ ___________________________ |
कविता में बार-बार प्रकृति को मनुष्य-सा (देवी-सा) दिखाया गया है। यह "मानवीकरण" कविता में क्या जादू पैदा करता है? सोचिए, फिर उत्तर देखिए।
Q1."धोता शुचि चरण युगल" (सागर चरण धोता है) में कौन-सा अलंकार है?