विषयों से संवाद
यह कविता देशप्रेम के साथ-साथ प्रकृति-संरक्षण और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" का संदेश भी देती है।
अनेकता में एकता — विविध भाषा, पर्व, संस्कृति वाला एक भारत।
कविता के मुख्य भाव — हर कार्ड पर टैप कीजिए।
भारत को देवी मानकर उसकी जय और गौरव का उद्घोष।
हिमालय, गंगा, वन-लता — भारत की प्रकृति ही उसका असली आभूषण है।
अनेक भाषा-संस्कृति, पर एक भारत — विविधता ही शक्ति है।
कविता और आपका जीवन
अगर हिमालय भारत का मुकुट और गंगा उसका हार है, तो उन्हें गंदा करना अपनी "माँ के गहने" तोड़ने जैसा है। पेड़ न काटना, नदी में कचरा न डालना — यही इस कविता की सच्ची देशभक्ति है।
यह कविता स्वतंत्रता-पूर्व लिखी गई, जब भारत के "शक्ति-बोध" और गौरव को जगाना ज़रूरी था। आज, स्वतंत्र भारत में, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु-परिवर्तन के बीच इस कविता का संदेश और भी क्यों ज़रूरी हो गया है?
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Q1.इस कविता में कवि की मुख्यतः कौन-सी भावना अभिव्यक्त हुई है?
यह कविता देशप्रेम के साथ-साथ प्रकृति-संरक्षण और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" का संदेश भी देती है।
अनेकता में एकता — विविध भाषा, पर्व, संस्कृति वाला एक भारत।
कविता के मुख्य भाव — हर कार्ड पर टैप कीजिए।
भारत को देवी मानकर उसकी जय और गौरव का उद्घोष।
हिमालय, गंगा, वन-लता — भारत की प्रकृति ही उसका असली आभूषण है।
अनेक भाषा-संस्कृति, पर एक भारत — विविधता ही शक्ति है।
कविता और आपका जीवन
अगर हिमालय भारत का मुकुट और गंगा उसका हार है, तो उन्हें गंदा करना अपनी "माँ के गहने" तोड़ने जैसा है। पेड़ न काटना, नदी में कचरा न डालना — यही इस कविता की सच्ची देशभक्ति है।
यह कविता स्वतंत्रता-पूर्व लिखी गई, जब भारत के "शक्ति-बोध" और गौरव को जगाना ज़रूरी था। आज, स्वतंत्र भारत में, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु-परिवर्तन के बीच इस कविता का संदेश और भी क्यों ज़रूरी हो गया है?
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Q1.इस कविता में कवि की मुख्यतः कौन-सी भावना अभिव्यक्त हुई है?