विषयों से संवाद
निबंध समाज-सुधार और इतिहास के कई बड़े नामों को छूता है। ये संदर्भ निबंध को गहराई देते हैं।
समाज की कुरीतियों को दूर कर नई दिशा देने वाले महापुरुष।
एक प्रसिद्ध लोकोक्ति — दूर की चीज़ें अधिक आकर्षक लगती हैं।
निबंध के मुख्य भाव — हर कार्ड पर टैप कीजिए।
अच्छे लेखन की जान सच्चा भाव है; विषय तो केवल उसे टाँगने की खूँटी है।
जो दूर है — समय में या स्थान में — वह अधिक सुहावना लगता है, क्योंकि उसकी कठोरता दिखाई नहीं देती।
हर युग को सुधार चाहिए; पुराने सुधार समय पाकर दोष बन जाते हैं और फिर नए सुधार होते हैं।
निबंध और आपका जीवन
अगली बार जब किसी दूर की चीज़ — कोई शहर, कोई नौकरी, किसी और का जीवन — आपको बहुत "सुहावना" लगे, तो याद रखिए: शायद आप तक उसकी "कर्कशता" नहीं पहुँच रही। पास जाकर ही असली तस्वीर दिखती है।
लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं — पर कारण अलग-अलग। दोनों की असंतुष्टि के क्या कारण हो सकते हैं?
Take a moment to form your answer before reading further.
Q1.निबंध में किन सुधारकों के नाम आए हैं?
निबंध समाज-सुधार और इतिहास के कई बड़े नामों को छूता है। ये संदर्भ निबंध को गहराई देते हैं।
समाज की कुरीतियों को दूर कर नई दिशा देने वाले महापुरुष।
एक प्रसिद्ध लोकोक्ति — दूर की चीज़ें अधिक आकर्षक लगती हैं।
निबंध के मुख्य भाव — हर कार्ड पर टैप कीजिए।
अच्छे लेखन की जान सच्चा भाव है; विषय तो केवल उसे टाँगने की खूँटी है।
जो दूर है — समय में या स्थान में — वह अधिक सुहावना लगता है, क्योंकि उसकी कठोरता दिखाई नहीं देती।
हर युग को सुधार चाहिए; पुराने सुधार समय पाकर दोष बन जाते हैं और फिर नए सुधार होते हैं।
निबंध और आपका जीवन
अगली बार जब किसी दूर की चीज़ — कोई शहर, कोई नौकरी, किसी और का जीवन — आपको बहुत "सुहावना" लगे, तो याद रखिए: शायद आप तक उसकी "कर्कशता" नहीं पहुँच रही। पास जाकर ही असली तस्वीर दिखती है।
लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं — पर कारण अलग-अलग। दोनों की असंतुष्टि के क्या कारण हो सकते हैं?
Take a moment to form your answer before reading further.
Q1.निबंध में किन सुधारकों के नाम आए हैं?