निबंध — भाग २
लेखक मानटेन (Montaigne) की स्वच्छंद शैली को पसंद करता है — जहाँ लेखक जो देखा, सुना, अनुभव किया, वही सच्चे मन से लिख देता है। फिर वह अमीर खुसरो की एक मज़ेदार रचना याद करता है।
ये निबंध तो मन की रचनाएँ हैं। उनमें लेखक की सच्ची रहती है, उनमें उसका रहता है। अमीर खुसरो थे, उन्होंने एक ही पद्य में चारों की इच्छाओं की पूर्ति कर दी। खीर पकाई जतन से, चरखा दिया चला। आया कुत्ता खा गया, तू बैठी ढोल बजा।
दूर के ढोल सुहावने होते हैं, क्योंकि उनकी दूर तक नहीं पहुँचती। जो तरुण संसार के से दूर हैं, उन्हें संसार का चित्र बड़ा ही प्रतीत होता है।
दूर के ढोल "सुहावने" क्यों लगते हैं?
तरुण के समर्थक होते हैं और वृद्ध अतीत-गौरव के । मनुष्य जाति के इतिहास में कोई ऐसा काल ही नहीं हुआ, जब सुधारों की आवश्यकता न हुई हो। जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं और उन सुधारों का फिर नव सुधार किया जाता है। तभी तो यह जीवन माना गया है।
लेखक कहता है कि "जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं।" इसका क्या अर्थ है? कोई एक उदाहरण सोचिए जहाँ पुरानी अच्छी मानी गई बात आज बदलने की ज़रूरत है।
Take a moment to form your answer before reading further.
Q1.खुसरो की "खीर पकाई जतन से..." किस प्रकार की रचना है?
लेखक मानटेन (Montaigne) की स्वच्छंद शैली को पसंद करता है — जहाँ लेखक जो देखा, सुना, अनुभव किया, वही सच्चे मन से लिख देता है। फिर वह अमीर खुसरो की एक मज़ेदार रचना याद करता है।
ये निबंध तो मन की रचनाएँ हैं। उनमें लेखक की सच्ची रहती है, उनमें उसका रहता है। अमीर खुसरो थे, उन्होंने एक ही पद्य में चारों की इच्छाओं की पूर्ति कर दी। खीर पकाई जतन से, चरखा दिया चला। आया कुत्ता खा गया, तू बैठी ढोल बजा।
दूर के ढोल सुहावने होते हैं, क्योंकि उनकी दूर तक नहीं पहुँचती। जो तरुण संसार के से दूर हैं, उन्हें संसार का चित्र बड़ा ही प्रतीत होता है।
दूर के ढोल "सुहावने" क्यों लगते हैं?
तरुण के समर्थक होते हैं और वृद्ध अतीत-गौरव के । मनुष्य जाति के इतिहास में कोई ऐसा काल ही नहीं हुआ, जब सुधारों की आवश्यकता न हुई हो। जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं और उन सुधारों का फिर नव सुधार किया जाता है। तभी तो यह जीवन माना गया है।
लेखक कहता है कि "जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं।" इसका क्या अर्थ है? कोई एक उदाहरण सोचिए जहाँ पुरानी अच्छी मानी गई बात आज बदलने की ज़रूरत है।
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Q1.खुसरो की "खीर पकाई जतन से..." किस प्रकार की रचना है?