परिचय — लेखक से मिलिए
जब आप विदेश में किसी भारतीय की उपलब्धि (जैसे ओलंपिक मेडल) की ख़बर सुनते हैं, तो आपको गर्व क्यों होता है — आपने तो वह काम नहीं किया? और जब कोई भारतीय कुछ ग़लत करता है, तो शर्म क्यों आती है? सोचिए — "मैं" और "मेरा देश" क्या सचमुच अलग हैं?
अपने देश से गर्व या शर्म महसूस करने का कोई पल याद कीजिए।
यह निबंध — एक "बातचीत"
यह निबंध एक ख़ास प्रश्नोत्तर (संवादात्मक) शैली में लिखा है — लेखक ख़ुद ही सवाल उठाता है ("क्या कोई भूकंप आया था?") और ख़ुद ही उत्तर देता है। यह शैली निबंध को एक जीवंत बातचीत-सी बना देती है, मानो लेखक सीधे आपसे बात कर रहा हो।
इस निबंध का "नायक" स्वयं लेखक/नागरिक है — जो धीरे-धीरे यह समझता है कि उसका अपना सम्मान उसके देश के सम्मान से जुड़ा है। पढ़ने से पहले कुछ शब्द जान लें।
निबंध में आने वाले शब्द — हर कार्ड पलटिए।
Q1.कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' का मुख्य कार्यक्षेत्र क्या था?
जब आप विदेश में किसी भारतीय की उपलब्धि (जैसे ओलंपिक मेडल) की ख़बर सुनते हैं, तो आपको गर्व क्यों होता है — आपने तो वह काम नहीं किया? और जब कोई भारतीय कुछ ग़लत करता है, तो शर्म क्यों आती है? सोचिए — "मैं" और "मेरा देश" क्या सचमुच अलग हैं?
अपने देश से गर्व या शर्म महसूस करने का कोई पल याद कीजिए।
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इस निबंध का "नायक" स्वयं लेखक/नागरिक है — जो धीरे-धीरे यह समझता है कि उसका अपना सम्मान उसके देश के सम्मान से जुड़ा है। पढ़ने से पहले कुछ शब्द जान लें।
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Q1.कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' का मुख्य कार्यक्षेत्र क्या था?