विषयों से संवाद
यह निबंध हमें नागरिक के अधिकार, कर्तव्य और सच्ची देशभक्ति के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।
सोच-समझकर सही व्यक्ति को मत देना ही देश को "उच्च" बनाता है।
संविधान हर नागरिक को मौलिक अधिकार देता है और कुछ कर्तव्य भी सौंपता है।
निबंध के मुख्य भाव — हर कार्ड पर टैप कीजिए।
व्यक्ति का सम्मान और देश का सम्मान एक-दूसरे से अटूट रूप से जुड़े हैं।
काम बड़ा हो या छोटा, उसका महत्व उसके पीछे की सच्ची भावना से तय होता है।
सफ़ाई रखना, सुरुचि, समझदार मतदान — यही रोज़मर्रा की देशभक्ति है।
निबंध और आपका जीवन
देशभक्ति सिर्फ़ 15 अगस्त को झंडा फहराना नहीं है। यह है — सड़क पर कचरा न फेंकना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, और बड़े होकर सोच-समझकर वोट देना। आपकी हर छोटी ज़िम्मेदार आदत आपके देश की "रीढ़" बनाती है।
लेखक कहते हैं कि "केवल संपन्न (धनी/वैज्ञानिक) व्यक्ति ही देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं — यह सोचना एकदम निराधार है।" एक साधारण नागरिक देश के लिए क्या-क्या कर सकता है?
Take a moment to form your answer before reading further.
Q1.निबंध के अनुसार देश की प्रगति में योगदान कौन दे सकता है?
यह निबंध हमें नागरिक के अधिकार, कर्तव्य और सच्ची देशभक्ति के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।
सोच-समझकर सही व्यक्ति को मत देना ही देश को "उच्च" बनाता है।
संविधान हर नागरिक को मौलिक अधिकार देता है और कुछ कर्तव्य भी सौंपता है।
निबंध के मुख्य भाव — हर कार्ड पर टैप कीजिए।
व्यक्ति का सम्मान और देश का सम्मान एक-दूसरे से अटूट रूप से जुड़े हैं।
काम बड़ा हो या छोटा, उसका महत्व उसके पीछे की सच्ची भावना से तय होता है।
सफ़ाई रखना, सुरुचि, समझदार मतदान — यही रोज़मर्रा की देशभक्ति है।
निबंध और आपका जीवन
देशभक्ति सिर्फ़ 15 अगस्त को झंडा फहराना नहीं है। यह है — सड़क पर कचरा न फेंकना, सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, और बड़े होकर सोच-समझकर वोट देना। आपकी हर छोटी ज़िम्मेदार आदत आपके देश की "रीढ़" बनाती है।
लेखक कहते हैं कि "केवल संपन्न (धनी/वैज्ञानिक) व्यक्ति ही देश की प्रगति में योगदान दे सकते हैं — यह सोचना एकदम निराधार है।" एक साधारण नागरिक देश के लिए क्या-क्या कर सकता है?
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Q1.निबंध के अनुसार देश की प्रगति में योगदान कौन दे सकता है?