अभ्यास — Practice
अब रैदास के "पद" (भक्ति और समता के स्वर) के अभ्यास का समय। पहले बहुविकल्पी प्रश्न (हर प्रश्न के साथ कारण) हल कीजिए, फिर सृजन और व्याकरण।
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