विषय और व्याकरण
रैदास के पद सिर्फ़ भक्ति नहीं, समाज को भी संदेश देते हैं — समानता, प्रेम और भीतरी सच्चाई का।
पद और आपका जीवन
रैदास का "एक ही ईश्वर, सबमें समान" वाला संदेश हमें सिखाता है — किसी को जाति, धर्म या हैसियत से छोटा-बड़ा न समझें। सच्चा बड़प्पन भीतर की अच्छाई में है, बाहरी दिखावे में नहीं।
व्याकरण — संज्ञा और सर्वनाम
संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम है (रैदास, चंदन, मोती)। सर्वनाम संज्ञा के बदले आने वाला शब्द है (तुम, हम, मैं, जो)। नीचे अभ्यास कीजिए।
पदों से — संज्ञा और सर्वनाम
| शब्द | भेद | उदाहरण-पंक्ति |
|---|---|---|
| रैदास | संज्ञा (व्यक्ति) | "ऐसी भगति करै रैदासा।" |
| चंदन | संज्ञा (वस्तु) | "तुम चंदन हम पानी।" |
| तुम | सर्वनाम | "प्रभु जी तुम स्वामी।" |
| हम | सर्वनाम | "हम दासा।" |
| मैं | सर्वनाम | "मैं नहिं तोरौं।" |
पहचानने और बनाने का अभ्यास कीजिए।
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Q1."तुम", "हम", "मैं" — ये किस भेद के शब्द हैं?
रैदास के पद सिर्फ़ भक्ति नहीं, समाज को भी संदेश देते हैं — समानता, प्रेम और भीतरी सच्चाई का।
पद और आपका जीवन
रैदास का "एक ही ईश्वर, सबमें समान" वाला संदेश हमें सिखाता है — किसी को जाति, धर्म या हैसियत से छोटा-बड़ा न समझें। सच्चा बड़प्पन भीतर की अच्छाई में है, बाहरी दिखावे में नहीं।
व्याकरण — संज्ञा और सर्वनाम
संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम है (रैदास, चंदन, मोती)। सर्वनाम संज्ञा के बदले आने वाला शब्द है (तुम, हम, मैं, जो)। नीचे अभ्यास कीजिए।
पदों से — संज्ञा और सर्वनाम
| शब्द | भेद | उदाहरण-पंक्ति |
|---|---|---|
| रैदास | संज्ञा (व्यक्ति) | "ऐसी भगति करै रैदासा।" |
| चंदन | संज्ञा (वस्तु) | "तुम चंदन हम पानी।" |
| तुम | सर्वनाम | "प्रभु जी तुम स्वामी।" |
| हम | सर्वनाम | "हम दासा।" |
| मैं | सर्वनाम | "मैं नहिं तोरौं।" |
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Q1."तुम", "हम", "मैं" — ये किस भेद के शब्द हैं?