परिचय — लेखक से मिलिए
क्या आपने कभी किसी जानवर — कुत्ते, बैल या गाय — से ऐसा अपनापन महसूस किया है कि लगे वह आपकी बात समझता है? उस एक पल को याद कीजिए और सोचिए — क्या जानवर भी हमारी तरह सुख-दुख महसूस करते होंगे?
अपने या आस-पास के किसी पालतू जानवर के बारे में सोचिए।
हिंदी-उर्दू के सबसे बड़े कथाकार — "उपन्यास सम्राट"। उनकी कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं; गोदान, सेवासदन, रंगभूमि, निर्मला और गबन उनके प्रमुख उपन्यास हैं। किसान, मज़दूर, दलित, स्त्री और स्वाधीनता-आंदोलन उनकी रचनाओं के मूल विषय हैं।
पंचतंत्र की परंपरा में
प्रेमचंद ने इस कहानी में "पंचतंत्र" और "हितोपदेश" जैसी पशु-कथाओं की पुरानी भारतीय परंपरा को अपनाया और आगे बढ़ाया। फ़र्क़ बस इतना है कि यहाँ पशु केवल नीति नहीं सिखाते — वे आज़ादी की पूरी लड़ाई का प्रतीक बन जाते हैं।
इस कहानी के दो नायक हैं — हीरा और मोती, झूरी किसान के दो बैल। ऊपर से यह दो बैलों की दोस्ती की कहानी है, पर भीतर-भीतर यह उस हर इंसान की कहानी है जो ग़ुलामी के सामने सिर नहीं झुकाता। पढ़ते समय एक बात पर ध्यान रखिए — बैल कब-कब इंसानों की तरह सोचते, बोलते और महसूस करते हैं।
आगे बढ़ने से पहले, कहानी के कुछ कठिन शब्द पहले से जान लीजिए — ताकि पढ़ते समय रुकना न पड़े।
इन आठ शब्दों को कहानी में आप बार-बार मिलेंगे। हर कार्ड पर टैप कर के पलटिए — सरल हिंदी अर्थ के साथ उसका English मतलब भी मिलेगा।
Q1.प्रेमचंद को किस उपाधि से जाना जाता है?
क्या आपने कभी किसी जानवर — कुत्ते, बैल या गाय — से ऐसा अपनापन महसूस किया है कि लगे वह आपकी बात समझता है? उस एक पल को याद कीजिए और सोचिए — क्या जानवर भी हमारी तरह सुख-दुख महसूस करते होंगे?
अपने या आस-पास के किसी पालतू जानवर के बारे में सोचिए।
हिंदी-उर्दू के सबसे बड़े कथाकार — "उपन्यास सम्राट"। उनकी कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं; गोदान, सेवासदन, रंगभूमि, निर्मला और गबन उनके प्रमुख उपन्यास हैं। किसान, मज़दूर, दलित, स्त्री और स्वाधीनता-आंदोलन उनकी रचनाओं के मूल विषय हैं।
पंचतंत्र की परंपरा में
प्रेमचंद ने इस कहानी में "पंचतंत्र" और "हितोपदेश" जैसी पशु-कथाओं की पुरानी भारतीय परंपरा को अपनाया और आगे बढ़ाया। फ़र्क़ बस इतना है कि यहाँ पशु केवल नीति नहीं सिखाते — वे आज़ादी की पूरी लड़ाई का प्रतीक बन जाते हैं।
इस कहानी के दो नायक हैं — हीरा और मोती, झूरी किसान के दो बैल। ऊपर से यह दो बैलों की दोस्ती की कहानी है, पर भीतर-भीतर यह उस हर इंसान की कहानी है जो ग़ुलामी के सामने सिर नहीं झुकाता। पढ़ते समय एक बात पर ध्यान रखिए — बैल कब-कब इंसानों की तरह सोचते, बोलते और महसूस करते हैं।
आगे बढ़ने से पहले, कहानी के कुछ कठिन शब्द पहले से जान लीजिए — ताकि पढ़ते समय रुकना न पड़े।
इन आठ शब्दों को कहानी में आप बार-बार मिलेंगे। हर कार्ड पर टैप कर के पलटिए — सरल हिंदी अर्थ के साथ उसका English मतलब भी मिलेगा।
Q1.प्रेमचंद को किस उपाधि से जाना जाता है?